क्राइम

पश्चिम सिंहभूम में लूटपाट और गोलीबारी के तीन मामलों का खुलासा, ओडिशा का आरोपी गिरफ्तार

चाईबासा। पश्चिम सिंहभूम जिले में लूटपाट, फायरिंग और चोरी के प्रयास से जुड़े तीन मामलों में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। विशेष छापेमारी दल ने कार्रवाई करते हुए ओडिशा निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी का पहले से भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान 26 वर्षीय अनिल चातर उर्फ अनिल मुंडा उर्फ बच्चा के रूप में हुई है। वह ओडिशा के क्योंझर जिले के बड़बिल थाना क्षेत्र अंतर्गत ठकुरानी टांकुरा का रहने वाला है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर पश्चिम सिंहभूम के अलग-अलग इलाकों में तीन वारदातों को अंजाम दिया था।

पुलिस के मुताबिक, पहली घटना 5 अक्टूबर की शाम जेटेया थाना क्षेत्र के कोटगढ़ चौक के पास हुई थी। यहां विभीषण तिरिया मोटरसाइकिल रोककर फोन पर बात कर रहे थे। इसी दौरान पल्सर बाइक पर सवार बदमाशों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया। विरोध करने पर आरोपियों ने कट्टे से गोली चला दी, जो उनके कान के पास से निकल गई। इस घटना में वह घायल हो गए। मामले में 6 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

दूसरी वारदात नोवामुंडी थाना क्षेत्र के पचायसाई स्थित रुपेश ठाकुर के मुर्गी फार्म में हुई। आरोप है कि बदमाशों ने वहां घुसकर सुरक्षा गार्ड को हथियार के बल पर बंधक बनाने का प्रयास किया। रुपये नहीं मिलने पर उन्होंने दराज को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस संबंध में भी 6 अक्टूबर को केस दर्ज किया गया था।

तीसरी घटना 6 अक्टूबर को तांतनगर थाना क्षेत्र में हुई थी। यहां पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा निवासी इमामुद्दीन अंसारी की गर्दन पर चापड़ रखकर छह हजार रुपये नकद और खाने-पीने का सामान लूट लिया गया था। इस मामले में 8 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

लगातार हुई इन घटनाओं को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर किरीबुरू के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल गठित किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए अनिल चातर को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया।

छापेमारी दल में किरीबुरू और जगन्नाथपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों के अलावा नोवामुंडी अंचल निरीक्षक बासुदेव मुंडा, रितेश कुमार सिंह, नयन कुमार सिंह समेत कई पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे। पुलिस अब मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।