उत्तराखंड

अल्मोड़ा में विकास योजनाओं की समीक्षा, अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने दिया जोर

अल्मोड़ा: उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री (ग्राम्य विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना) भरत सिंह चौधरी ने विकास भवन सभागार अल्मोड़ा में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की।

बैठक से पहले मंत्री ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और ग्रामीण महिलाओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं और इनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने जनपद में चल रही विकास योजनाओं, आजीविका संवर्धन, स्वरोजगार, आधारभूत सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।

कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं का लाभ ग्राम स्तर तक पहुंचाया जाए और पात्र लोगों को समय पर लाभ मिले। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने पर जोर दिया।

बैठक में मंत्री ने बैम्बू ग्रास (बांस आधारित परियोजना) को अल्मोड़ा में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इसका उपयोग खेतों की सुरक्षा के लिए बाड़ के रूप में किया जा सकता है, जिससे जंगली जानवरों से फसलों को बचाने में मदद मिलेगी। साथ ही सड़क किनारे इसे क्रैश बैरियर के विकल्प के रूप में विकसित किया जा सकता है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

मंत्री ने पर्यटन और होम स्टे योजना को पहाड़ी क्षेत्रों की आजीविका का मजबूत आधार बताते हुए लाभार्थियों को होटल और हॉस्पिटैलिटी प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए, ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने जनपद में संचालित योजनाओं की प्रगति पर संतोष जताते हुए अधिकारियों को जनहित में इसी गति से कार्य करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने मंत्री के निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने की बात कही।

बैठक में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री गंगा बिष्ट, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा सहित जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।